विभाग की जानकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग
पूरा पता:
कमिश्‍नर कार्यालय परिसर, कोठी बाजार, होशंगाबाद
जिला:
होशंगाबाद
पिन कोड:
461001
फ़ोन नंबर:
07574253254
फैक्स नंबर:
ईमेल:
wcdhos@mp.nic.in
परिचय और ब्लॉक का संक्षिप्त विभाग:

0-6 वर्ष के बच्चो तथा गर्भवती/धात्री माताओ एवं किशोरी बालिकाओ के पोषण स्तर में सुधार लाना एवं बच्चो में कम जन्म भार और गंभीर कुपोषण को कम करने के उद्देश्य से साल में कम से कम तीन सौ दिन पूरक पोषण आहार दिया जाता है ।

  1. टेक होम राशन- वर्तमान में 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चो एवं गर्भवती/धात्री माताओं को एम0पी0एग्रो द्वारा प्रदायित पोषण आहार, बाल आहार (125 ग्राम), हलुआ (125 ग्राम), खिचडी (125 ग्राम), बर्फी (150 ग्राम), आटा बेसन लडडू (150 ग्राम) एवं खिचड़ी (150 ग्राम) प्रतिदिन के मान से मंगलवार के दिन वितरण किया जाता है ।
  2. सांझा चूल्हा कार्यक्रम – ग्रामीण क्षेत्रो में 3 नवम्बर 2009 से सांझा चूल्हा व्यवस्था का प्रारंभ किया गया है  जिसमें मध्यान्ह भोजन में संलग्न स्वसहायता समूहो द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रो में भी ताजा पका हुआ पोषण आहार 3 से 6 वर्ष तक के बच्चो को वितरित किया जाता है एवं शहरी क्षेत्रो में इस हेतु पृथक से व्यवस्था की गई है ।
  3. स्वास्थ्य जांच प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में प्रत्येक माह में किसी एक मंगलवार या शुक्रवार के दिन ए.एन.एम तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा महिलाओं तथा बच्चों की स्वास्थ्य जाँच की जाती है। स्वास्थ्य जाँच के आधार पर स्वास्थ्य में सुधार हेतु आवश्यक सलाह हितग्राहियों को दी जाती है।3.संदर्भ सेवाएँ
    स्वास्थ्य जांच के आधार पर आवश्यक होने पर महिलाओं एवं बच्चों को खण्ड चिकित्सा अधिकारी अथवा विकासखण्डजिलास्तरीय चिकित्सालयों में रेफर किया जाता है।
  4.  टीकाकरण प्रति आंगनबाड़ी प्रतिमाह किसी एक सप्ताह का मंगलवारशुक्रवार टीकाकरण के लिये निर्धारित रहता है। उक्त दिवस में ए.एन.एम द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है।
  5.  पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ए.एन.एम द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में गृह भेंट करने का प्रावधान है। गृहभेंट के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य एवं संतुलित भोजन से संबंधित जानकारी व सलाह दी जातीहै।
  6. स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा आंगनबाड़ी केन्द्रों का मुख्य उददेश्य बच्चों का मानसिक विकास करना भी है जिससे वह प्राथमिक स्कूल में और बेहतर तरीके से शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाती हैं। बच्चों को प्राकृतिक संसाधनों जैसे -जल, जंगल, जानवर, इत्यादि के बारे में प्रारंभिक ज्ञान कराया जाता है।
जिले की विभागीय संरचना:

जिले में 9 बाल विकास परियोजनाओं में कुल 1540 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं 195 मिनी आंगनबाडी केन्द्र स्वीकृत है। परियोजनावार आॅगनबाड़ी केन्द्रों एवं मिनी आंगनबाडी केन्द्रों का विवरण निम्नानुसार हैः-

hindi wcd structure

list of Aganwadi center in hoshangabad district PO wise list of Aganwadi center in hoshangabad district PO wise

भूमिकाओं और विभाग की जिम्मेदारी:

मंगल दिवस योजना- सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उदद्येश्यद से गोद भराई/अन्नप्राशन्न/जन्म दिवस एवं किशोरी बालिका दिवस का आयोजन किया जाता है।
(1) प्रथम मंगलवार -गोदभराई – गर्भवती महिलाओं का पंजीयन एवं प्रथम पूर्व तीन स्वास्थ्य जांच/टीकाकरण को सुनिश्चित करने एवं जागरूपता बढ़ाने के लिए प्रथम मंगलवार को आंगनबाड़ी केन्द्रो पर गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ।
(2) द्वितीय मंगलवार -अन्नप्राशन्न – शिशु मृत्यु दर को कम करने एवं कुपोषण को कम करने के उद्देश्य से 6 माह के होने पर बच्चे को मां के दूध के साथ पूरक आहार दिया जाता है।
(3) तृतीय मंगलवार -जन्म दिवस – आंगनबाड़ी केन्द्रो में बच्चो की उपस्थिति बढ़ाने एवं बच्चो में शाला त्यागने की आदत समाप्त करने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रो एवं समुदाय के बीच सामुदायिक सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से माह के तीसरे मंगलवार को जन्म दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ।
(4) चतुर्थ मंगलवार -किशोरी बालिका दिवस- किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य , पोषण एवं समुचित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चतुर्थ मंगलवार को किशोरी बालिका दिवस मनाया जाता है जिसमें किशोरी बालिकाओं को संतुलित आहार/व्यक्तिगत् स्वच्छता एवं स्वास्थ्य तथा आर्थिक गतिविधियो से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है ।

सुपोषण अभियानः- ऐसे आंगनबाडी केन्द्र जहां 3 या 3 से अधिक अतिकम वजन के बच्चे चिन्हित् है वहां सामुदायिक पोषण पुनर्वास केन्द्र अवधारणा अंतर्गत् 12 दिवस तक स्नेह शिविर के माध्यम से क्यूरेटिव गतिविधि का आयोजन जिसमें पर्यवेक्षक पोषण सहयोगिनी पोषक मित्र एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता की उपस्थिति में अतिकम वजन के बच्चों और उनकी माताओं को समक्ष में अतिरिक्त पौष्टिक पोषण आहार बनाकर खिलाना तथा प्रतिदिन अलग-अलग विषय जैसे- स्वाथ्य-शिक्षा पोषण स्वच्छता आदि पर प्रशिक्षण प्रदान करना।

18 दिन तक स्नेह षिविर के पंजीकृत बच्चों के घरो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पोषण सहयोगिनी द्वारा पोषण दस्तक।

20 विषेष मंगल दिवस 25 आई.ई.सी. गतिविधी एवं 05 विशेष VHND द्वारा प्रीवेन्टिव गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सतत मानिटरिंग अभिभावकों को परामर्श देना।

स्नेह सरोकार कार्यक्रमः- आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 वर्ष तक के बच्चों/गर्भवती/ धात्री माताओं तथा किषोरी बालिकाओं के लिये विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में समुदाय की भागीदारी एवं उनकी सहभागिता की सुनिष्चितता हेतु विभाग की ओर से स्नेह सरोकार कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत् जनसमुदाय, शासकीय सेवक/ औद्योगिक घरानों/संस्थानो के सहयोग से आंगनबाडी केन्द्रों हेतु संसाधनो की उपलब्धता/उनमे सुधार/संचालन हेतु सहयोग एवं अतिकुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आदि गतिविधियां सम्मिलित हैं।

समग्र वात्सल्य साफ्टवेयरः- होशंगाबाद जिले में समग्र वात्सल्य साफ्टवेयर icds.mp.nic.inविकसित किया गया जिसके माध्यम से 05 वर्ष तक के बच्चों का वजन (weight for age) उंचाई (weight for height) भुजामाप (MUAC) का चिन्हां्कन माप लेकर दर्ज किया जाता है। साफ्टवेयर स्वतः ही बच्चों की ग्रेडिंग करता है। साफ्टवेयर अतिकम वजन के बच्चों की सूची उपलब्ध कराता है साथ ही प्रत्येक बच्चें का ग्रोथ चार्ट भी प्रदर्षित करता है। जिससे बच्चों की माॅनीटरिंग सतत् एवं प्रभावी रूप से कम समय में की जाना संभव हुई। साफ्टवेयर में 6 वर्ष तक के बच्चों की समग्र आई.डी. के आधार पर अतिकम वजन के बच्चों की संपूर्ण पारिवारिक प्रोफाईल जैसे- सामाजिक, आर्थिक एवं शासन की किन-किन योजनाओं का लाभ परिवार को प्राप्त हो रहा है, के संबंध में जानकारी प्राप्त होती है जिसके आधार पर अतिकम वजन के बच्चों की माॅनीटरिंग सतत् एवं प्रभावी रूप से कम समय में की जाना संभव हुई। समग्र वात्सल्य साफ्टवेयर से प्राप्त कुपोषित बच्चों की सूची अनुसार प्रत्येक बच्चे की अटल बाल पालक के साथ वात्सल्य साफ्टवेयर में ऑनलाईन मेंपिंग की गई है।

अटल बाल पालक:- 5 वर्ष तक के अतिकम वजन के बच्चों को सुपोषित करने हेतु समाज के प्रबुद्ध वर्गों (निजी चिकित्सक, समाजसेवी उद्योगपति व्यवसायी व्यापारी जनप्रतिनिधि अधिकारीगण पत्रकार विभिन्न संगठन) द्वारा अटल बाल पालक के रूप में बच्चों का स्वास्थ्य उपचार परामर्ष एन.आर.सी. में भर्ती आर्थिक सहयोग आदि किया जा रहा है। जिले में लगभग 200 अटल बाल पालकों द्वारा 2400 से अधिक बच्चों के देखभाल की जिम्मेदारी ली गई है। अटल बाल पालक आंगनबाडी केन्द्रों को आदर्ष आंगनबाडी केन्द्र बनाने निःषक्त जनों के कल्याण स्कूल शौचायल मरम्मत, पर्यावरण संरक्षण शिक्षा नषा मुक्ति स्वच्छता आदि क्षेत्रो में भी कार्य कर रहे हैं।

विभाग में काम का आबंटन:
विभिन्न विभागीय योजनाओं की स्थिति:
विभाग की फैक्ट फाइल:
फार्म और डाउनलोड:

महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत एकीक़त बाल विकास सेवा में योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन फार्म की आवश्‍यकता नहीं हैा

वेबसाइट:
«वापिस