विभाग की जानकारी

रेशम विभाग
पूरा पता:
कार्यालय जिला अधिकारी रेशम, रेशम परिसर रायपुर रोड मालाखेडी होशंगाबाद 461001 (म.प्र.)
जिला:
होशंगाबाद
पिन कोड:
461001
फ़ोन नंबर:
Phone: (07574)2772001, 277012
फैक्स नंबर:
(07574) 277012
ईमेल:
hoshangabad.serimp@gmail.com
परिचय और ब्लॉक का संक्षिप्त विभाग:

     रेशम विभाग होशंगाबाद जिला वर्ष 1956 से ग्राम मटकुली से संचालित है उसके पश्‍चात विकास खण्‍ड बनखेडी में पलिया पिपरिया, तिदवाडा, मछेराकलां, खामखेडी, गाडरवाडाखुर्द, महुआखेडा, तथा पिपरिया के डोकरीखेडा, खारी, सोहागपुर में कामती, बीजाखारी, तथा होशंगाबाद में कुलामढी, केसला में रैसलपाठा ग्राम में रेशम केन्‍द्र प्रारंभ किये गये रेशम केन्‍द्रों में भूमिहीन ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने के उददेश्‍य से प्रारंभ किये गये ।

    वर्ष 2001 से निजी क्षैत्र में पौधरोपण कार्य प्रारंभ किया गया, केन्‍द्रिय रेशम बोर्ड की सी.डी.पी योजनान्‍तर्गत केन्‍द्र शासन तथा राज्‍य शासन के सहयोग से प्रारम्‍भ की गई ।

    इसी के साथ जिले हरित आजीविका केन्‍द्र गूजरवाडा, मोहासा तथा कोठरा निमाचा शासकीय भूमि मे प्रारम्‍भ किये गयें, जिससे भूमिहीन किसानों को रेशम क्रमिपालन कोसा उत्‍पादन से रोजगार प्रादन किया जा रहा है ।

    वर्ष 2003 में नर्मदा नदी के किनारे अरण्‍डी उत्‍पादाकों को इरी क्रमिपालन से जोडकर इरी सिल्‍क उत्‍पादन प्रारम्‍भ किया गया था ।

    वर्ष 2009-10 से पचमढी में Golden Silk Moonga की प्रायोगिक क्रमिपालन स्‍थालीय प्रजाति मैधा छाल (Litseya glutonosa) पर प्रारम्‍भ किया गया। इसी तरह सोम के पौधो का पौधरोपण मूंगा रेशम का उत्‍पादन प्रारम्‍भ किया गया ।

    म0प्र0 राज्‍य के विभाजन के पश्‍चात म0प्र0 राज्‍य में टसर उत्‍पादन निरंक था । वर्ष 2005-06 से टसर उत्‍पादन प्राइज़ किया जिससे वन क्षैत्र में निवासरत वनवासी लोगों को रोजगार उपलब्‍ध किया गया ।

    इसी के साथ साथ वर्ष 1999-2000 से मालाखेडी होशंगाबाद में मलबरी रेशम धागा उत्‍पादन इकाई प्रारम्‍भ की गई, जिससे अन्‍तराष्‍टीय स्‍तर का मलबरी रेशम धागा उत्‍पादन प्रारम्‍भ किया गया । इरी की क्षमता वृद्धि करते हुए जिले में मटकुली रैसलपाठा पथरौटा में रेाम धागाकरण इकाईया टिवस्टिंग इकाईया एवं बुनाई कार्य प्रारम्‍भ किया गया, इस प्रकार होशंगाबाद जिला देश का एक मात्र जिला है, जहां पर चारोतरह का रेाम (मलबरी, टसर, इरी, मूंगा) का उत्‍पादन होता है ।

    धागाकरण/टिवस्टिंग इकाईयों से शहरी/ग्रामीण महिलाओ को सतत रोजगार प्रदान किया जाता है ।

जिले की विभागीय संरचना:

श्री एस.एस. ठाकुर – सहायक/उपसंचालक रेशम (Mob- 9575695550)
(जिला स्तर 6 जिलों का प्रभार होशंगाबाद, हरदा, बैतुल, छिंदपाडा, खण्डववा, बुरहानपुर)

श्री रवीन्द्रस सिंह – नोडल अधिकारी रेशम (जिला स्तर पर (Mob- 9425040978)

1- श्री नवनीत गौर, कनिष्‍ठ रेशम निरीक्षक होशंगाबाद (Mob-9826867660)
2- श्री आर.एस. पचवारिया, फील्‍ड आफीसर रेशम केसला (Mob-9407268678)
3- श्री नीरज भारती, कनिष्‍ठ रेशम निरीक्षक सिववनीमालवा (Mob-7354553047)
4- श्री एम.एल. पटेल, कनिष्‍ठ रेशम निरीक्षक बाबई (Mob-9425310432)
5- श्री एम.एल. प्रजापति, वरिष्‍ठ रेशम निरीक्षक सोहागपुर (Mob-9425686958)
6- श्री एस.डी. कस्तूरे, फील्‍ड आफीसर रेशम पिपरिया (Mob-9424469661)
7- श्री कैलाश टटावत, वरिष्‍ठ रेशम निरीक्षक बनखेडी (Mob-9425687039)
8- श्री रविन्द्रि सिंह, नोडल अधिकारी रेशम रेशम बीज केन्द्र पचमढी (Mob-9425040978)

भूमिकाओं और विभाग की जिम्मेदारी:

(1) विभाग द्वारा भूमि हीनों को रेशम पालन से रोजगार प्रदान करना ।
(2) जिले के किसानों को परम्पकरागत कृषि फसलो की अपेक्षा पांच गुना अधिक आय देने वाली फसल का विक्ल।प प्रस्तुणत करना
(3) किसानो को प्रशिक्षित करना तथा उन्हेग आवश्यककत अनुरूप रेशम क्रमिपालन उपलब्धस कराना एवं उनके द्वारा उत्पातदित रेशम कोया को शतप्रतिशत
विपणन करना
(4) वनक्षेत्र में निवासरत वनवासी ग्रामीणो को टसर रेशम क्रमिपालन से रोजगार उपलब्ध् करना ।
(5) रेशम धागाकरण टिवस्टिग वुनाई से महिलाओं को सतत रोजगार प्रादन करना ।

विभाग में काम का आबंटन:
विभिन्न विभागीय योजनाओं की स्थिति:

निजी भूमि में रेशम योजना अपनाने हेतु मूलभूत आवश्यभकता-
1- स्वंंय की निजी भूमि होना चाहिए
2- सिंचाई स्त्रोत/सांधन (बारहमासी) होना चाहिए
प्रकिया:-
1- आवेदन पत्र स्थानीय रेशम केन्द्र अथवा जिला कार्यालय से प्राप्त किया
जा सकता है
2- बेवसाईट पर उपलब्ध आवेदन फार्म को डाउनलोड किया जा सकता है
3- जिस भूमि पर शहतूत बगीचा लगाना चाहते है, उसका नवीनतम खसरा एवं
नक्शे की प्रमाणित प्रति अवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा
4- रू 500.00 के स्टााम्प पेपर पर विभाग के साथ अनुवंध सम्पादित करना
होगा, अनुवंध का प्रारूप स्थनीय कार्यालय/बेबसाइड से डाउनलोड किया जा
सकता है
5- आवेदन को पूर्ण कर स्थाानीय रेशम केन्द्र पर जमा करना होगा
6- आवेदन प्राप्त होने पर विभाग के अधिकारी द्वारा सर्वे कर सर्वे रिपोर्ट तैयार
की जावेगी
7- आवेदन वर्ष में कभी भी जमा किया जा सकता है
8- योजनार्न्तगत कार्य प्रारम्भ शहतूत पौधरोपण माह जूून जुलाई तथा
नवम्बर –दिसम्वर में किया जाता है

सहायता
रेशम उत्पादन व्यवसाय प्रारम्भ करने हेतु योजना

क्र प्रति एकड इकाई लागत शासकीय सहायता हितग्राही हिस्सा (रूपय में)
1 पौधरोपण 15000 15000 0
2 क्रमिपालन
भवन लागत
(20’X50’) 2,75000 137500 137500
3 वायवोल्टाईन
उपकरण 50000 37500 12500
4 सिंचाई सुविधा 25000 18750 6250

विपणन
मलबरी ककून क्रय दर – न्यूूनतम रूपय 70/-/प्रति कलो ग्राम
अधिकतम रूपय 270/प्रति कलो ग्राम गुणवत्ताप आधारित

विभाग की फैक्ट फाइल:

1- होशंगाबाद जिलो के निजी क्षैत्र में 3791 एकड मलबरी रेशम कोया उत्‍पादन किया जाता है ।

2- होशंगाबाद जिले में मलबरी रेशम धागाकरण उत्‍पादन एवं टिवंस्टिग इकाई मालखेडी पथरौटा रैसलपाठा, मटकुली में       संचालित है ।

3-   टसर रेशम धागाकरण मालाखेडी, पथरौटा, धाई, मटकुली में संचालित है ।

4-   हरित आजीविका केन्‍द्र गुजरवाडा कुलामडी बडोदिया केाठरानिमाचा मोहासा बीजाखारी मटकुली पलियापिपरिया। मछेराकलां खामखेडी गाडरवाडा खुर्द महुआखेडा संचालित है ।

5-  टसर कोसा बीज केन्‍द्र सुखतवा कामठी जुगरवाडा सुरैलारधीर ढोकरी खेडा खारी में संचालित है ।

6-  प्रदेश का एक मात्र मलबरी टसर इरी मुगां रेशम बीज उत्‍पादक केन्‍द्र हैं ।

7-  प्रदेश का एक मात्र मलबरी रेशम क्रमिपालन की उन्‍नत तकनीक का आवसीय प्रशिक्षण केन्‍द्र मालाखेडी हांशगाबाद में संचालित है ।

8-  होशंगाबाद इकाइ्र द्वारा टसर रेशम धागा उत्‍पादन करने की नई मशीन विकसित की हैं जो कि वर्तमान में देश में टसर रेशम धागा की सबसे अच्‍छी गुणवत्‍ता उत्‍पादन कर रही हैं तथा बजार में इसकी बहुत मांग है ।

फार्म और डाउनलोड:
वेबसाइट:
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